दांत में समस्या होना मतलब कि व्यक्ति का काम और जीवन दोनों ही बुरी तरीके से प्रभावित होना। एक सेहतमंद जीवन जीने के लिए शरीर के सभी अंगों का सेहतमंद होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसमें दांतों का सेहतमंद होना भी शामिल है। ज्यादातर लोग अपने काम में व्यस्त होने की वजह से अपने शरीर में अंगों की अच्छे तरीके से देखभाल नहीं कर पाते हैं, जिसमें दांतों की सेहत बुरी तरीके से प्रभावित होना भी शामिल है। आज के समय में लोग इतने ज्यादा व्यस्त हो गए हैं, कि वह कुछ भी खा लेते हैं, बस केवल अपनी जीभ का स्वाद पूरा करने के लिए या फिर केवल पेट भरने के लिए। यह न केवल शारीरिक सेहत के लिए बल्कि दांतों की सेहत के लिए भी काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में, लोग अपने आप को मीठा खाने से रोक नहीं पाते हैं और फ़लस्वरुप दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं, जिसमें दांतों में कीड़ा लरतना भी शामिल है। यह समस्या पीड़ित व्यक्ति के लिए काफी ज्यादा दर्दनाक साबित हो सकती है। इसलिए समय पर ध्यान देना जरूरी होता है।
इसके अलावा, गलत खान पाना का सेवन करने की वजह से न केवल दांतों में कीड़ा लग रहा है, बल्कि इसके कारण पीड़ित व्यक्ति को मसूड़ों से खून आना, दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ जाना और दांतों में पीलापन होना जैसी कई समस्याओं का शिकार होना पड़ रहा है। ऐसे में, अगर आप किसी भी चीज जैसे कुछ भी ठंडा, गर्म या फिर मीठे का सेवन करते हैं, तो आपको इस दौरान अपने दांतों में झटका या फिर दर्द का अनुभव हो सकता है। इसके पीछे का कारण दांतों में दांतों में टार्टर या फिर प्लाक का जमाव हो गया है, या फिर कैविटी की समस्या हो गई है। दांतों को आराम देने के लिए इन समस्याओं पर ध्यान देकर इन का समाधान ढूंढ़ना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कई तरह के माउथ वॉश और टूथपेस्ट का उपयोग करते हैं, जिन का केवल शुरुआत में असर दिखाई देता है और कुछ समय बाद दांतों में परेशानी पहले की तरह शुरू हो जाती है। अक्सर हम इस तरह की समस्याओं के लिए दवाइयों के पीछे दौड़ते हैं, पर इनका तो इलाज आयुर्वेद में ही छिपा हुआ होता है।
दरअसल, डॉक्टर के अनुसार अगर आप त्रिफला चूर्ण को पानी में उबालकर इसका कुल्ला करते हैं, तो इससे आपको समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इस समस्या में यह नुस्खा काफी ज्यादा कारगर साबित हो सकता है। आम तौर पर, इस नुस्खे में केवल 30 से 40 सेकंड तक त्रिफला चूर्ण के पानी को अच्छे तरीके से मुंह में घुमा कर कुल्ला करना होता है। ऐसा करने से आप दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। दरअसल, इससे दांतों को कई तरह के फायदे प्राप्त होते हैं। दांतों से जुड़ी गंभीर समस्या होने पर आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
दांतों के लिए त्रिफला चूर्ण के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि त्रिफला आंवला, बिभीतक और हरीतकी जैसी जड़ी बूटियों का एक इस तरह का आयुर्वेदिक मेल है, जिसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लामेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और हीलिंग जैसी कई तरह के गुण पाए जाते हैं। इसी तरह आंवले में विटामिन सी, टैनिन, फ्लेवोनॉयड्स और गैलिक एसिड पाए जाते हैं, जो दांतों को कई तरह के फायदे प्रदान करते हैं आम तौर पर, दांतों के लिए त्रिफला चूर्ण के फायदे निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. त्रिफला स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स और दूसरे खराब बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
2. इससे दांतों पर जमी प्लाक कम हो जाती है।
3. दांतों की कैविटी से छुटकारा मिलता है।
4. मुँह की बदबू में काफी सुधार होता है।
5. इससे मसूड़ों की सूजन कम होने में मदद मिलती है।
6 इससे हमारे मसूड़े फिर से टाइट होने लगते हैं।
7. दांतों का दर्द काफी हद तक कम हो जाता है।
8. ब्लीडिंग और मुंह से आने वाली बदबू से छुटकारा मिलता है।
9. मेडी बैक्टीरिया को खत्म करने में काफी सहायता मिलती है।
10. मसूड़ों के टिशू को ठीक करने में मददगार।
11. एनेमल को प्रोटेक्ट करने में काफी मदद प्रदान करता है।
त्रिफला माउथ वॉश को किस तरह तैयार किया जा सकता है?
आम तौर पर, त्रिफला माउथ वॉश दांतों की सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। दरअसल, इसका उपयोग करने के लिए आप आधा चम्मच त्रिफला पाउडर का लें और कम से कम इसे 200 एमएल पानी में डालें और हल्की आंच में उबालें। इसे कम से कम 2 से 3 मिनट तक उबालें और फिर बाद में हल्का ठंडा होने के लिए रख दें। इसके हल्के ठंडे होने के बाद इसे एक गिलास में अच्छे तरीके से छान लें। इसके बाद इस पानी को घूंट-घूंट करके मुंह में लें और कम से कम 30 से 40 सेकंड तक इसे अपने मुँह में घुमाएं और फिर बाद में कुल्ला कर दें। जब तक पानी खत्म नहीं हो जाता अपने ऐसे ही करना है। इस तरह की स्थिति में कम से कम 6 साल से कम उम्र के बच्चों को इससे दूर रहने की सलाह दें। उनको इसका इस्तेमाल न करने दें।
निष्कर्ष: दांत एक व्यक्ति के लिए उतने ही ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, जितने की उसके बाकी के अंग महत्व रखते हैं। दांतों में होने वाली समस्या से एक व्यक्ति काफी ज्यादा परेशान हो जाता है, इसे उसके दिन के सारे काम बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं। दांतों की देखभाल करना सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आज लोग ज्यादातर अपने दांतों की सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं और बिना ख्याल किये किसी भी चीज का सेवन कर लेते हैं, जिससे उन को दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दांतों में कीड़ा लगना आम है, पर यह काफी ज्यादा दर्दनाक होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह के उपायों का इस्तेमाल करते हैं पर सफल नहीं हो पाते हैं। इसके अलावा, हम से आधे लोग इस समस्या को ठीक करने के लिए दवाओं के पीछे भागते रहते हैं, पर इसका इलाज आयुर्वेद में होता है, जी हाँ इस समस्या का इलाज करने के लिए आप त्रिफला चूर्ण को पानी में उबालकर इसका कुल्ला करने जैसे नुस्खे का इस्तेमाल कर सकते हैं ,यह बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके दांतों के लिए कई फायदे हैं, जिसमें आप इस तरह की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। गंभीर समस्या होने पर आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दांतों से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. लोकेश इम्प्लांट्स एंड डेंटिस्ट्री क्लिनिक के विशेषज्ञों के साथ संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. किन खाद्य पदार्थों के कारण दांतों में कीड़ा लगने की समस्या होती है?
दरअसल, यह समस्या ज्यादातर खराब ओरल हाइजीन और कैविटी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों की वजह से होती है।
प्रश्न 2. क्या छोटे बच्चे दांतों में कीड़ा लगने की समस्या के शिकार हो सकते हैं?
दरअसल, हाँ छोटे बच्चे भी दांतों में कीड़ा लगने जैसी गंभीर समस्या का शिकार हो सकते हैं। विशेष तौर पर, यह समस्या छोटे बच्चों के 6 महीने की उम्र में पहला दांत आते ही शुरू हो सकती है।