दांतों की समस्या अक्सर लोगों को हद से ज्यादा परेशान कर देती हैं। आम तौर पर, दांतों से जुड़ी समस्या न केवल शारीरिक सेहत को प्रभावित करती है, बल्कि इसके कारण लोगों के बहुत जरूरी काम भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते है। अक्सर लोग काम के चलते दांतों से जुड़ी समस्याओं को काफी गंभीरता से नहीं लेते हैं और आगे चलकर किसी न किसी बड़ी समस्या का शिकार हो जाते हैं। इन समस्याओं में सबसे आम है दांतों में होने वाला दर्द, जिसे लोग अक्सर ही आम समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं। इस तरह की स्थिति में ज्यादातर लोगों को लगता है, कि यह दर्द कोई बड़ा दर्द नहीं है, ,मामूली सा दर्द है कुछ ही देर बाद अपने आप ही ठीक हो जाएगा। ऐसे में, कुछ लोग इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवा का सेवन भी कर लेते हैं, जिससे दर्द कुछ ही समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है और लोग अपने काम पर दोबारा से लौट जाते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हर मामले में दांतों में होने वाला दर्द मामूली नहीं होता है। असल में, यह हमारे दांतों में पर लगाने वाली कैविटी का संकेत होता है, जिससे दांतों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसलिए, दांतों में होने वाले दर्द पर गौर करना और इसके लिए डॉक्टर से मिलना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
दरअसल, शुरू शुरू में जब हमारे दांतों में दर्द या फिर झनझनाहट जैसी समस्या उत्पन्न होती है, तो हम उसे ऐसे ही जाने देते हैं और केवल अपने टूथपेस्ट को बदल देते हैं। पर, हम इस बात से अनजान होते हैं, कि यह दर्द दांतों में हो रही कैविटी का संकेत होता है और जैसे-जैसे यह कैविटी बढ़ती जाती है, दांत खोखला होता जाता है। इससे दर्द में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है। इसके कारण ठंडा या फिर गर्म खाने पर मसूड़ों में काफी ज्यादा झनझनाहट महसूस होने लग जाती है, जिससे स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। दरअसल, स्थिति गंभीर होने पर ज्यादातर लोग रूट कैनाल ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। आम तौर पर, जब स्थिति हद से ज्यादा गंभीर हो जाती है, तो उस वक्त पीड़ित व्यक्ति को रूट कैनाल की जरूरत पड़ती है। जी हाँ, इस समस्या में रूट कैनाल ट्रीटमेंट काफी ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है। रूट
कैनाल ट्रीटमेंट एक सामान्य दंत प्रक्रिया है, जिसका मकसद संक्रमित दांत को बचाना और दर्द से राहत प्रदान करना होता है। उपचार होने के बाद इसका धोड़ा सा प्रभाव रह सकता है। असल में, हम में से ज्यादातर लोगों को इलाज पूरा होने के बाद भी उस दांत या आस-पास के मसूड़ों में दर्द या फिर सेंसिटिविटी महसूस हो सकती है। दरअसल, अगर आपको भी इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, तो आप इसके लिए कई उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना, गुनगुने पानी में नमक डालकर उसके गरारे करना, सख्त भोजन का सेवन करने से बचना, मुँह की सफाई का अच्छे से ध्यान रखना और बर्फ से सिकाई करना जैसे कुछ उपाय शामिल हो सकते हैं। इस तरह की स्थिति में इन उपायों का इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे जुड़ी कोई भी गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद आखिर क्यों होता है दर्द?
दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दर्द की समस्या हो सकती है और इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जो निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. प्रक्रिया करते वक्त मसूड़ों और ऊतकों में, हल्की सूजन आ जाती है, जो दांत में दर्द का कारण बनती है।
2. अगर, उपचार के दौरान फिलिंग या क्राउन ठीक से एडजस्ट न होना हो, तो इस से खाना चबाते वक्त आपको दांतों में दर्द की समस्या हो सकती है।
3. दरअसल, कभी कभार दांत की जड़ों की गहरी नसों के अंदर संक्रमण रह जाता है, जिससे दांतों में दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।
4. आम तौर पर, इस समस्या के उपचार दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की वजह से मसूड़ों में हल्की चोट या नुकसान हो सकता है, जिससे दांतों में दर्द की समस्या बन सकती है।
रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए प्रभावी उपाय क्या हो सकते हैं?
दरअसल, अगर रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद आपको दांतों में हल्का- फुल्का सा दर्द का अनुभव होता है, तो आप घर पर ही इन उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि
1. दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना
दरअसल, ऐसे में दर्द कम करने वाली दवाओं का सेवन आप केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करें। बिना डॉक्टर से सलाह लिए किसी भी तरह की दवा का सेवन करने से बचें।
2. गुनगुने पानी से नमक के गरारे करना
आम तौर पर, इस तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप गुनगुने पानी से नमक के गरारे कर सकते हैं। यह इस समस्या में काफी प्रभावी साबित हो सकता है। दरअसल, यह न केवल मसूड़ों की सूजन को कम करने में मददगार साबित होता है, बल्कि संक्रमण को भी दूर रखता है। यह एक सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है, जिसका इस्तेमाल दिन में लगभग 3 से 4 बार किया जा सकता है।
3. सख्त भोजन का सेवन करने से बचें
दरअसल, उपचार होने के बाद किसी भी तरह के सख्त खाने का सेवन करने से बचें।
इसके अलावा, इस दौरान चिपचिपी या फिर ठंडी-गर्म चीजों का सेवन करने से अपने आप को रोकें। इस दौरान आप दलिया, खिचड़ी जैसे नरम भोजन का सेवन कर सकते हैं।
4. मुंह की सफाई का ध्यान रखें
इस दौरान मुँह की सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसलिए, दर्द के डर से ब्रश करना न छोड़ें। प्रभावित क्षेत्र पर नर्म ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करें और साथ ही साथ फ्लॉसिंग को भी जारी रखें।
निष्कर्ष: दांतों में दर्द की समस्या होना बहुत ही आम है, पर इन को नजरअंदाज करना सम्पूर्ण सेहत और दांतों की सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। दांतों में दर्द होना सबसे आम समस्या है, जिसको लोग दवा का सेवन करके ठीक कर लेते हैं। लोग अक्सर इस दर्द को आम समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं, जो दांतों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। दांतों में होने वाला दर्द कई बार कैविटी का भी संकेत हो सकता है, जिस पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है। स्थिति गंभीर होने पर रूट कैनाल ट्रीटमेंट का सहारा लिया जा सकता है। इस ट्रीटमेंट के बाद दांत या आस-पास के मसूड़ों में दर्द या फिर सेंसिटिविटी महसूस हो सकती है,ल यह बात सच है। और इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप इस लेख में बताए गए उपायों का इस्तेमाल घर पर ही कर सकते हैं। यह काफी ज्यादा प्रभावित साबित हो सकते हैं। वैसे तो, रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों में हल्का दर्द होना आम है, जो कुछ दिनों बाद ठीक हो जाता है। पर, इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह आपके लिए मुश्किलों को पैदा कर सकता है। अगर इससे आपके काम और दिनचर्या प्रभावित होती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और दांतों से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. लोकेश इम्प्लांट्स एंड डेंटिस्ट्री क्लिनिक के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।